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भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा: प्रोजेक्ट 17A के पांचवें स्टील्थ फ्रिगेट ‘दूनागिरी’ का नया क्रेस्ट लॉन्च

भारतीय नौसेना की समुद्री युद्ध क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा निर्मित प्रोजेक्ट 17A के पांचवें स्टील्थ फ्रिगेट ‘दूनागिरी’ (INS Dunagiri) का आधिकारिक क्रेस्ट हाल ही में लॉन्च किया गया। यह प्रतीक चिह्न युद्धपोत की आधुनिक तकनीक, सटीक हमले की क्षमता और बहुआयामी युद्ध कौशल को दर्शाता है। नए क्रेस्ट में हिमालय की ऊँची चोटियों से उड़ान भरते ऑस्प्रे शिकारी पक्षी को दर्शाया गया है, जो तेज गति, घातक हमला क्षमता और सटीक निशाने का प्रतीक माना जाता है। नौसेना के अनुसार यह डिजाइन जल, थल और नभ—तीनों क्षेत्रों में भारतीय नौसेना की बढ़ती शक्ति और आधुनिक युद्ध क्षमताओं का प्रतिनिधित्व करता है।

इस युद्धपोत का मूलमंत्र “Victory is my Profession” यानी “विजय ही मेरा पेशा” रखा गया है। इसे भविष्य के समुद्री अभियानों में एक महत्वपूर्ण फोर्स मल्टीप्लायर के रूप में देखा जा रहा है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के रणनीतिक हितों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा। ‘दूनागिरी’ प्रोजेक्ट 17A के तहत विकसित नीलगिरी क्लास स्टील्थ फ्रिगेट्स का हिस्सा है और इसमें लगभग 75 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया गया है। यह आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

इस युद्धपोत में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, MF-STAR एडवांस्ड रडार सिस्टम, आधुनिक एंटी-सबमरीन हथियार, टॉरपीडो और रॉकेट सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीक शामिल हैं। इसका स्टील्थ डिजाइन इसे रडार से पकड़ना मुश्किल बनाता है। युद्धपोत 30 मार्च 2026 को नौसेना को सौंपा जा चुका है और फिलहाल इसके अंतिम ऑपरेशनल ट्रायल और क्रू इंटीग्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसे भारतीय नौसेना में औपचारिक रूप से कमीशन किए जाने की संभावना है।