Himachal

हिमाचल में सरकारी नौकरियों से पहले Doping टेस्ट अनिवार्य, नशे के खिलाफ सख्त कदम

हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ अभियान को और सख्त करते हुए सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले डोपिंग टेस्ट को अनिवार्य करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ‘चिट्टा’ (हेरोइन) तस्करी में शामिल पाए गए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ जन आंदोलन शुरू किया है और ड्रग माफिया पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। युवाओं को नशे से बचाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भर्ती से पहले उम्मीदवारों के लिए डोप टेस्ट सुनिश्चित करें और इसके लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी करें।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है ताकि भर्ती प्रक्रिया तेज की जा सके। सरकार ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 500 पदों को भरने का भी निर्णय लिया है। वन विभाग से जुड़े मामलों में भी सख्ती दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने हालिया तूफानों के कारण गिरे या उखड़े पेड़ों का विस्तृत आकलन करने और उन्हें हटाने के लिए 1 जून से विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गिरे पेड़ों को समय पर हटाना जरूरी है, ताकि राज्य के संसाधनों का नुकसान रोका जा सके और वन क्षेत्र का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।