जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन मैदान में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले को लेकर NIA की चार्जशीट में कई अहम खुलासे हुए हैं। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय पोनी ऑपरेटर की मौत हुई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठकर रची गई थी और इसका संचालन लश्कर-ए-तैयबा व उसके प्रॉक्सी संगठन TRF से जुड़े आतंकी साजिद सैफुल्लाह जट्ट उर्फ लंगड़ा कर रहा था।
चार्जशीट में कहा गया है कि हमला पूरी योजना और सैन्य रणनीति के तहत किया गया। आतंकियों ने पहले इलाके की रेकी की, स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई और सुरक्षित ठिकानों का इस्तेमाल किया। जांच में मिले मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा से पता चला कि आतंकियों को पाकिस्तान से लगातार निर्देश मिल रहे थे। Alpine Quest ऐप के जरिए बैसरन मैदान के को-ऑर्डिनेट्स साझा किए गए थे।
NIA के मुताबिक, हमले से एक दिन पहले आतंकी स्थानीय लोगों के घर में रुके थे और उन्होंने अमरनाथ यात्रा, सुरक्षा बलों की गतिविधियों और पर्यटकों की संख्या से जुड़ी जानकारी जुटाई। अगले दिन आतंकियों ने बैसरन पार्क को “किल जोन” बनाकर दो तरफ से फायरिंग शुरू की। जांच में यह भी सामने आया कि कई लोगों की धार्मिक पहचान पूछकर उन्हें निशाना बनाया गया।
चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि पहलगाम हमला और 2024 के APCO कैंप हमले के बीच समानताएं हैं। दोनों घटनाओं में एक ही M4 कार्बाइन, GoPro कैमरा और आतंकी मॉड्यूल का इस्तेमाल हुआ। NIA ने अब तक 1113 लोगों से पूछताछ की है और जांच अभी जारी है।









