कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से जुड़े बहुचर्चित मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आरोपों की दोबारा विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि मामले में सामने आए सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों की गंभीरता से जांच जरूरी है, जिसके लिए सीबीआई के संयुक्त निदेशक (पूर्वी क्षेत्र) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाएगा।
यह विशेष टीम घटना की पूरी श्रृंखला की जांच करेगी, जिसमें 9 अगस्त 2024 की रात प्रशिक्षु डॉक्टर के अस्पताल में भोजन करने से लेकर उनके अंतिम संस्कार तक की सभी परिस्थितियां शामिल होंगी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जांच दल को किसी भी व्यक्ति से पूछताछ करने और आवश्यक जानकारी जुटाने की पूरी स्वतंत्रता होगी, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके। हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का सत्यापन गंभीरता से किया जाए। इसके साथ ही अदालत ने जांच की समयसीमा तय करते हुए 25 जून तक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है, जिस दिन इस मामले की अगली सुनवाई भी होगी।
न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि इस गंभीर और संवेदनशील मामले के सामाजिक प्रभावों को देखते हुए जांच को निष्पक्ष और व्यापक बनाया जाना चाहिए। एसआईटी में कुल तीन सदस्य होंगे, जिनमें दो अन्य सदस्यों की नियुक्ति अदालत के आदेश के 48 घंटे के भीतर की जाएगी। गौरतलब है कि 9 अगस्त 2024 को आरजी कर अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ रेप के बाद हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मामले में सबूतों को नष्ट करने और जांच को प्रभावित करने के आरोप भी सामने आए थे, जिनकी अब दोबारा जांच की जाएगी।









