पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दो एलपीजी (LPG) वाहक जहाज सुरक्षित रूप से गुजरकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन दोनों जहाजों में कुल 66,392 मीट्रिक टन रसोई गैस लदी हुई है, जिससे देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। पहला एलपीजी टैंकर “सिमी” कतर के रस लाफान टर्मिनल से रवाना हुआ था और 13 मई को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाले इस जहाज में करीब 19,965 मीट्रिक टन एलपीजी मौजूद है। 21 चालक दल के सदस्यों के साथ यह जहाज आज गुजरात के Deendayal Port पहुंच सकता है।
दूसरा जहाज “एनवी सनशाइन” गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकला। इस जहाज के 18 मई तक New Mangalore Port पहुंचने की उम्मीद है। दोनों जहाजों का संचालन Indian Oil Corporation (IOC) के माध्यम से किया जा रहा है। Ministry of Ports, Shipping and Waterways ने भी पुष्टि की है कि भारत आने वाले दोनों एलपीजी जहाज सुरक्षित रूप से इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार कर चुके हैं।
मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव Mukesh Mangal ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक चिंता का केंद्र बना हुआ है। इसी मार्ग से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई होती है। हालिया घटनाओं के बाद से अब तक कुल 13 भारतीय जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं।









