लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने NEET पेपर लीक और देश की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2015 से 2026 के बीच देश में 148 परीक्षा घोटाले सामने आए हैं, जिनमें 87 परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं और करीब 9 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इन मामलों में अब तक केवल एक व्यक्ति को सजा मिली है, जबकि बाकी मामलों की जांच लंबित या अनिर्णीत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 17 और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 11 मामलों को संभाला, लेकिन बड़े पैमाने पर दोषियों को सजा नहीं मिल सकी। NEET और AIPMT जैसी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन परीक्षाओं में अकेले 15 कथित घोटाले सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों या मंत्रियों पर कार्रवाई नहीं हुई और कई बार हटाए गए लोगों को फिर से बड़े पदों पर नियुक्त किया गया।
अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने कुछ छात्रों के मानसिक तनाव और आत्महत्या की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और यह स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के हित में यह लड़ाई जारी रहेगी और न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।









