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1 जुलाई से देशभर में लागू होगा वीबी-जी राम जी अधिनियम, मनरेगा होगा समाप्त

केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़े बदलाव की घोषणा करते हुए बताया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह अब “विकसित भारत- रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)” यानी वीबी-जी राम जी अधिनियम लागू किया जाएगा। यह नया कानून 1 जुलाई से देशभर में प्रभावी होगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, नया ढांचा “विकसित भारत 2047” की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। सरकार का दावा है कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्त वर्ष में 125 दिनों का वैधानिक मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि मनरेगा में यह सीमा 100 दिनों की थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रोजगार तय समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि ऐसा नहीं होता है, तो श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान जारी रहेगा।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि 30 जून तक मनरेगा के तहत चल रहे सभी कार्य बिना किसी बाधा के नए ढांचे में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। मौजूदा ई-केवाईसी सत्यापित जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते। जिन श्रमिकों के पास जॉब कार्ड नहीं हैं, वे ग्राम पंचायत स्तर पर पंजीकरण करवा सकेंगे।

सरकार ने 2026-27 के लिए ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम हेतु 95,692 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा प्रावधान बताया जा रहा है। राज्यों के योगदान सहित कुल खर्च 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है।