दिल्ली के Vivek Vihar इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर शहरी इमारतों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
जांच में सामने आया है कि इमारत में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। पूरे भवन में केवल एक ही सीढ़ी थी और आपातकालीन निकास (एग्जिट) की कोई व्यवस्था नहीं थी। इतना ही नहीं, छत का दरवाजा भी बंद था, जिससे आग लगने की स्थिति में लोगों के पास बचने का कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा। दमकल कर्मियों को भी रेस्क्यू के दौरान काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और उन्होंने छत तक पहुंचकर कुछ लोगों को बचाया।
घटना की सूचना सुबह 3:48 बजे फायर कंट्रोल रूम को मिली, जिसके बाद दमकल विभाग की 12 से 14 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 6:25 बजे आग पर काबू पाया गया। इस दौरान पुलिस, क्राइम टीम और आपदा प्रबंधन दल ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया और 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या एसी ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच जारी है।









