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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच S. Jaishankar का यूएई दौरा, ऊर्जा और कूटनीति पर फोकस

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar का United Arab Emirates दौरा काफी अहम माना जा रहा है। यह यात्रा ऐसे समय पर हुई है जब क्षेत्र में अस्थिरता के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। जयशंकर ने इस दौरे को भारत-यूएई संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और Narendra Modi की ओर से यूएई नेतृत्व को शुभकामनाएं भी दीं।

दरअसल, Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव और Iran-United States के बीच खींचतान से तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। इसे देखते हुए भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए सक्रिय हो गया है। भारत ने Saudi Arabia, Qatar और यूएई जैसे देशों से सीधे संवाद बढ़ाया है ताकि सप्लाई बाधित न हो।

संभावना जताई जा रही है कि भारत वैकल्पिक मार्गों, जैसे Gulf of Aden के जरिए आपूर्ति सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी बीच यूएई में Pakistan को लेकर आलोचनात्मक स्वर भी उभरे हैं, जहां कुछ विश्लेषकों ने भारत को भरोसेमंद साझेदार बताया। यह दौरा दिखाता है कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में ऊर्जा, सुरक्षा और कूटनीति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं और भारत इन चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय रणनीति अपना रहा है।