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भारत में WhatsApp का नया सिक्योरिटी फीचर: SIM-बाइंडिंग टेस्टिंग शुरू

लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp भारत में एक नए सिक्योरिटी फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जिसे SIM-बाइंडिंग कहा जा रहा है। इस फीचर का उद्देश्य यूजर्स के अकाउंट को अधिक सुरक्षित बनाना है और अनधिकृत एक्सेस को रोकना है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ यूजर्स को ऐप के अंदर नोटिफिकेशन मिलने लगे हैं, जिनमें बताया जा रहा है कि ऐप को उसी डिवाइस पर चलाना जरूरी होगा जिसमें रजिस्टर्ड सिम कार्ड मौजूद है।

SIM-बाइंडिंग फीचर के तहत, WhatsApp समय-समय पर यह वेरिफाई करेगा कि अकाउंट उसी सिम के साथ इस्तेमाल हो रहा है जिस पर वह रजिस्टर्ड है। यदि यूजर सिम कार्ड निकाल देता है, बदल देता है या किसी दूसरे सिम का उपयोग करता है, तो ऐप अपने आप लॉग आउट कर सकता है। इस तरह का सिस्टम खासतौर पर अकाउंट हैकिंग या अनधिकृत लॉगिन को रोकने में मददगार माना जा रहा है।

फिलहाल यह फीचर टेस्टिंग स्टेज में है, इसलिए आम यूजर्स के अनुभव में अभी कोई बदलाव नहीं होगा। लेकिन जब इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा, तब उन लोगों को परेशानी हो सकती है जो एक से अधिक डिवाइस पर WhatsApp इस्तेमाल करते हैं या बार-बार सिम बदलते हैं।

इस फीचर के पीछे सरकारी निर्देश भी एक अहम कारण हैं। भारत सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को सिम-आधारित वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने के लिए कहा था। पहले इसकी समय सीमा सीमित थी, लेकिन कंपनियों की तकनीकी जरूरतों को देखते हुए अब इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक कर दिया गया है। आने वाले समय में यह फीचर डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।