भारत सरकार ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं को देखते हुए घरेलू उद्योगों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को घोषणा की कि कई महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। यह कदम विशेष रूप से उन उद्योगों के लिए सहायक होगा, जो पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक पर निर्भर हैं।
सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे माल की आपूर्ति अस्थिर हो गई है, जिससे घरेलू विनिर्माण क्षेत्र पर लागत का दबाव बढ़ा। वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया, “यह निर्णय वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं को कम करने और घरेलू उद्योगों को जरूरी पेट्रोकेमिकल इनपुट की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।”
यह राहत अस्थायी है और 30 जून, 2026 तक मान्य रहेगी। इस छूट से घरेलू उद्योगों को उनके उत्पादन में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी और डाउनस्ट्रीम सेक्टर पर लागत का दबाव भी कम होगा। छूट वाले उत्पादों में मेथनॉल, निर्जल अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉली ब्यूटाडाइन, स्टाइरीन-ब्यूटाडाइन और असंतृप्त पॉलिएस्टर रेजिन शामिल हैं। सरकार का यह कदम सप्लाई चेन की स्थिरता सुनिश्चित करने और घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









