भारत की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती मिली है, क्योंकि भारतीय नौसेना में हाल ही में तीन अत्याधुनिक स्वदेशी युद्धपोत शामिल किए गए हैं। इन पोतों का निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डिंग एंड इंजीनियर्स लिमिटेड द्वारा किया गया है, जो देश के रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इनमें सबसे प्रमुख एडवांस्ड गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ‘दुनागिरी’ है, जो तकनीकी रूप से बेहद उन्नत और बहु-भूमिका निभाने में सक्षम है। लगभग 149 मीटर लंबा और 6,600 टन से अधिक वजनी यह युद्धपोत आधुनिक मिसाइल प्रणालियों और अत्याधुनिक सेंसर से लैस है। इसमें एकीकृत युद्ध प्रबंधन प्रणाली के साथ ब्रह्मोस जैसी शक्तिशाली क्रूज मिसाइलें भी शामिल हैं, जो समुद्र और जमीन दोनों लक्ष्यों पर सटीक हमला कर सकती हैं।
दूसरा पोत ‘संशोधक’ एक सर्वेक्षण जहाज है, जिसे समुद्री मानचित्रण और डेटा संग्रह के लिए डिजाइन किया गया है। करीब 110 मीटर लंबाई और 3,400 टन क्षमता वाला यह पोत अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक उपकरणों से सुसज्जित है, जो नौसेना के संचालन को और अधिक सटीक बनाएगा।
तीसरा पोत ‘अग्रय’ पनडुब्बी रोधी क्षमताओं से युक्त उथले जल में कार्य करने वाला युद्धक जहाज है। यह समुद्र के नीचे छिपे खतरों का पता लगाने, निगरानी करने और आवश्यक कार्रवाई करने में सक्षम है। इसमें हल्के टॉरपीडो और विशेष रॉकेट सिस्टम लगाए गए हैं। इन तीनों पोतों की तैनाती से भारत की समुद्री शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।









