बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कदम हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में उनकी जीत के बाद उठाया गया है। नियमों के अनुसार, संसद सदस्य बनने के 14 दिनों के भीतर राज्य विधानमंडल की सदस्यता छोड़ना अनिवार्य होता है। इस्तीफे के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि नीतीश कुमार 13 अप्रैल के बाद मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं, हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
वहीं, इसी दिन बीजेपी के नेता नितिन नबीन ने भी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को सौंपा, जिसे बाद में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को भेजा जाएगा। नितिन नबीन भी हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं, जिसके चलते उन्होंने विधानसभा की सदस्यता छोड़ी है। गौरतलब है कि नीतीश कुमार हाल ही में अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ पूरी कर चुके हैं, जिसके दौरान उन्होंने राज्य के कई जिलों में जनसभाएं कीं, लेकिन इस मुद्दे पर कोई संकेत नहीं दिया था।









