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इन राज्यों में छिपे हैं 150 नक्सली, खत्म करने निकले 50 हजार जवान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक तय किया है, और इसके लिए सिर्फ तीन दिन शेष हैं। पिछले कुछ महीनों में नक्सली संगठन के अधिकांश शीर्ष नेता या तो मारे गए हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, अभी लगभग 100 से 150 नक्सली छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना में छिपे हैं। अगले 48 घंटों में केंद्रीय बलों, राज्यों की पुलिस और कोबरा कमांडो की 50,000 से अधिक जवानों की भागीदारी से बड़े सर्च ऑपरेशन चलाए जाएंगे। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन शेष नक्सलियों में से कई आत्मसमर्पण कर देंगे।

कोबरा कमांडो बटालियन, जिसे फॉर रिसोल्यूट एक्शन कहा जाता है, नक्सलियों के सफाए में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जंगल युद्ध में प्रशिक्षित ये कमांडो US Marine Commandos के स्तर की क्षमता रखते हैं और लगातार तीन रात तक बिना किसी सहायता के ऑपरेशन कर सकते हैं। कोबरा कमांडो पहली बार 2015 में गणतंत्र दिवस परेड में दिखाई दिए थे। सर्च ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना और ओडिशा में छिपे नक्सलियों को बाहर निकालना और उन्हें किसी भी बड़े हमले से रोकना है। सुरक्षा बल ग्रामीण इलाकों का दौरा कर लोगों का विश्वास बहाल कर रहे हैं और विकास योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ा रहे हैं। यह अभियान नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।