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दिल्ली शराब घोटाला केस: सीबीआई की हाई कोर्ट में चुनौती, 9 मार्च को होगी अहम सुनवाई

दिल्ली की चर्चित आबकारी नीति मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने निचली अदालत के उस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया गया था। जांच एजेंसी ने इस आदेश को गलत बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है। मामले की सुनवाई 9 मार्च को न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की पीठ के समक्ष तय की गई है।

सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा है कि ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों का सही आकलन नहीं किया। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान जुटाए गए रिकॉर्ड से यह संकेत मिलता है कि आबकारी नीति के निर्माण और लागू करने की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का उल्लंघन हुआ। इसके बावजूद अदालत ने यह मान लिया कि आरोप तय करने लायक पर्याप्त सामग्री मौजूद नहीं है।

जांच एजेंसी ने यह भी तर्क दिया कि आरोप तय करने के चरण पर विस्तृत साक्ष्य परीक्षण आवश्यक नहीं होता, बल्कि प्रथम दृष्टया साक्ष्य पर्याप्त होते हैं। सीबीआई के अनुसार, निचली अदालत ने इस कानूनी सिद्धांत की अनदेखी की। साथ ही, अदालत द्वारा जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश पर भी एजेंसी ने आपत्ति जताई है। अब 9 मार्च की सुनवाई में हाई कोर्ट यह तय करेगा कि निचली अदालत का आदेश कायम रहेगा या उसे पलटा जाएगा, जिससे मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होगी।