Haryana

हरियाणा में प्लास्टिक उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई, 4 हफ्तों में 1849 चालान और 15.97 लाख का जुर्माना

हरियाणा में प्लास्टिक प्रदूषण पर नियंत्रण अब और सख्त हो गया है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने 24 दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 के बीच पूरे राज्य में अभियान चलाकर 1849 चालान जारी किए और नियम उल्लंघन करने वालों से 15,97,300 रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना वसूल किया। यह कार्रवाई औचक निरीक्षण, दस्तावेज जांच और फील्ड निगरानी के जरिए की गई। यह मुहिम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा अधिसूचित प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम, 2016 और उनके संशोधनों (2018, 2021, 2022) के तहत चल रही है। इसके साथ ही विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (EPR) दिशा-निर्देश, 2022 का पालन भी सुनिश्चित कराया जा रहा है। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्लास्टिक के उत्पादन, उपयोग, संग्रहण और निस्तारण में किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एचएसपीसीबी ने बहु-स्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की है, जिसमें नियमित और औचक निरीक्षण, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डेटा सत्यापन, प्लास्टिक कचरे का पृथक्करण और वैज्ञानिक निपटान शामिल हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर ‘कारण बताओ’ नोटिस, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूली और आवश्यकता पड़ने पर इकाइयों को बंद करने के आदेश भी दिए जा सकते हैं। बोर्ड ने उद्योगों, व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों का पालन करें और स्वच्छ, सुरक्षित व प्लास्टिक-मुक्त हरियाणा के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। बोर्ड का कहना है कि प्लास्टिक प्रदूषण पर नियंत्रण से न केवल कचरे की समस्या कम होगी, बल्कि जल स्रोत और मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहेगी।