अहमदाबाद के मोटेरा क्षेत्र में स्थित आसाराम आश्रम के अवैध निर्माण पर प्रशासन जल्द ही बुलडोजर कार्रवाई करेगा। गुजरात हाईकोर्ट ने आश्रम की याचिका खारिज करते हुए स्थानीय प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की अनुमति दे दी है। यह जमीन साबरमती नदी किनारे मोटेरा गांव के तालाब क्षेत्र में आती है, जहां कथित रूप से तय सीमा से अधिक निर्माण किया गया था।
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की जा रही है। आश्रम प्रबंधन को कई बार नोटिस देकर सुनवाई का अवसर दिया गया था। दशकों पहले इस भूमि का आवंटन केवल सीमित धार्मिक गतिविधियों के लिए किया गया था, लेकिन समय के साथ वहां बड़े पैमाने पर अतिरिक्त भवन और व्यावसायिक उपयोग के निर्माण सामने आए, जो नियमों के खिलाफ पाए गए।
यह क्षेत्र नरेन्द्र मोदी स्टेडियम और प्रस्तावित सरदार पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास स्थित है। राज्य सरकार 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के तहत यहां खेल अवसंरचना का विस्तार करना चाहती है। ऐसे में अतिक्रमण हटाने को विकास योजनाओं के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार आश्रम को करीब 33 हजार वर्गमीटर जमीन आवंटित थी, जबकि लगभग 15 हजार वर्गमीटर अतिरिक्त क्षेत्र पर अवैध निर्माण पाया गया। इस संबंध में आश्रम का नियमितीकरण आवेदन पहले ही खारिज किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि आसाराम वर्तमान में दुष्कर्म के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। अदालत के ताजा आदेश के बाद प्रशासन ने अवैध ढांचे को हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।


