केंद्रीय बजट में बिहार को बड़ी सौगात मिली है। पटना के दीघा इलाके में गंगा नदी के किनारे 300 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक शिप रिपेयर सेंटर स्थापित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए कुर्जी के सामने गंगा तट पर करीब पांच एकड़ जमीन आवंटित कर दी है, जिससे परियोजना का रास्ता साफ हो गया है। इस केंद्र के बनने से जलमार्ग से माल ढुलाई और पर्यटन जहाजों की मरम्मत अब पटना में ही संभव हो सकेगी। फिलहाल जहाजों को मरम्मत के लिए कोलकाता या वाराणसी भेजना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं।
नई सुविधा से परिवहन लागत में कमी आएगी और दूर-दराज से आने वाले जहाजों की भी स्थानीय स्तर पर सर्विसिंग हो सकेगी। केंद्र में एक साथ चार जहाजों की मरम्मत की व्यवस्था होगी। इसके लिए आधुनिक लिफ्ट सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे जहाजों को नदी से बाहर निकालकर खुले स्थान पर मरम्मत की जाएगी और काम पूरा होने के बाद फिर पानी में उतारा जाएगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस परियोजना से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही, गंगा में चलने वाले 50-60 छोटे-बड़े जहाजों के संचालन को बढ़ावा मिलेगा। परिवहन और पर्यटन विभाग के साथ निजी कंपनियों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।यह शिप रिपेयर सेंटर बिहार में जल परिवहन और पर्यटन के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।









