Punjab

पंजाब में पहली बार डिजिटल जनगणना की शुरुआत, अमृतसर से मोबाइल ऐप के जरिए होगा घर-घर सर्वे

अमृतसर में इस वर्ष लगभग 14 साल बाद जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से करवाई जाएगी। पारंपरिक कागजी प्रक्रिया की जगह अब मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा, जिससे आंकड़ों को तेज़ी और सटीकता के साथ एकत्र किया जा सकेगा। प्रशासन के अनुसार, अगले सप्ताह चंडीगढ़ से विशेषज्ञों की टीम आकर कर्मचारियों को सॉफ्टवेयर और डिजिटल सिस्टम की ट्रेनिंग देगी।

संभावना है कि मई माह से जनगणना का काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए करीब 3,000 कर्मचारियों को फील्ड में उतारने की योजना बनाई गई है। ये कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से निर्धारित प्रश्नों के उत्तर लेंगे और जानकारी सीधे ऐप में दर्ज करेंगे। नगर निगम क्षेत्र में लगभग चार लाख घरों को कवर किया जाएगा।

सर्वे को व्यवस्थित बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को 2,200 से अधिक ब्लॉकों में बांटा गया है। हर ब्लॉक में एक गणनाकर्मी तैनात होगा, जबकि छह गणनाकर्मियों पर एक सुपरवाइजर निगरानी रखेगा। कुल मिलाकर लगभग 370 सुपरवाइजर नियुक्त किए जाएंगे। शहर के 85 वार्डों के साथ आसपास के बाहरी इलाकों को भी सर्वे में शामिल किया गया है।

जनगणना के दौरान परिवारों से करीब 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मकान की स्थिति, स्वामित्व, परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, सामाजिक वर्ग, पेयजल, शौचालय, रसोई गैस, ईंधन, इंटरनेट, वाहन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार को नागरिकों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से डेटा अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय होगा, जिससे भविष्य की योजनाएं बनाने में आसानी होगी।