मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगी। दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों ने भी मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन रखने के लिए इसी तरह की व्यवस्था अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है। भारत के निर्वाचन आयोग की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन’ विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 42 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों और 27 देशों के मिशन प्रमुखों ने इस दिशा में सहमति व्यक्त की।
सम्मेलन के अंतिम दिन सभी प्रतिभागी देशों ने स्वच्छ मतदाता सूची तैयार करने और प्रत्येक मतदाता को फोटो पहचान पत्र उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया। समापन सत्र में ‘दिल्ली घोषणा 2026’ प्रस्तुत करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि घोषणा पत्र के तहत पांच प्रमुख क्षेत्रों-मतदाता सूची की शुद्धता, चुनाव संचालन, अनुसंधान व प्रकाशन, प्रौद्योगिकी का उपयोग तथा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी देश समय-समय पर अपनी प्रगति की समीक्षा करेंगे और दिसंबर 2026 में नई दिल्ली में दोबारा बैठक करेंगे। भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन में एक हजार से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि शुद्ध मतदाता सूची किसी भी मजबूत लोकतंत्र की बुनियाद होती है और पारदर्शी चुनाव के लिए यह अनिवार्य है।









