केंद्र सरकार ने देश की अगली जनगणना को लेकर औपचारिक तैयारी शुरू कर दी है। लंबे समय से टल रही जनगणना अब 2027 में कराई जाएगी। इसके पहले चरण का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण के मुताबिक, जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगा, जिसमें हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस किया जाएगा। इस चरण में देशभर के घरों की सूची बनाई जाएगी और उनके हालात का विस्तृत आकलन होगा।
इस बार की जनगणना सिर्फ जनसंख्या गिनने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि सरकार आम नागरिक के रहन-सहन, जीवन स्तर और सुविधाओं की पूरी तस्वीर तैयार करेगी। इसके लिए कुल 33 सवालों की सूची तय की गई है, जिनके जरिए मकान की स्थिति, परिवार की संरचना, सामाजिक वर्ग और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा डेटा जुटाया जाएगा। जनगणना में बुनियादी सुविधाओं पर खास जोर दिया गया है। पीने के पानी का स्रोत, घर में पानी की उपलब्धता, बिजली का कनेक्शन, शौचालय और ड्रेनेज सिस्टम, नहाने की सुविधा, रसोई और खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाला ईंधन जैसी जानकारियां जुटाई जाएंगी। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य की सरकारी योजनाओं और बजट का खाका तैयार किया जाएगा।
डिजिटल इंडिया के दौर को देखते हुए इस बार डिजिटल और लाइफस्टाइल से जुड़े सवाल भी शामिल किए गए हैं। लोगों से पूछा जाएगा कि उनके पास रेडियो, टीवी, लैपटॉप, कंप्यूटर, इंटरनेट और स्मार्टफोन की सुविधा है या नहीं। इसके अलावा, साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल या कार जैसी गाड़ियों की जानकारी भी ली जाएगी। एक अहम और नया सवाल यह होगा कि परिवार मुख्य रूप से कौन सा अनाज खाता है। सरकार इससे पोषण, खाद्य सुरक्षा और कृषि नीति से जुड़े फैसलों के लिए डेटा तैयार करेगी। इसके साथ ही एक मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा, जिसका उपयोग सिर्फ जनगणना से जुड़ी सूचनाओं के लिए किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया 1 अप्रैल 2027 से 30 सितंबर 2027 तक चलेगी।









