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दीपिंदर गोयल ने छोड़ा CEO पद, ब्लिंकिट के फाउंडर अलबिंदर ढींडसा संभालेंगे जोमैटो ग्रुप की कमान

जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने CEO पद से हटने का ऐलान किया है। 1 फरवरी 2026 से वह रोज़ाना के कामकाज से हटकर कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी और भविष्य की योजना पर ध्यान देंगे। हालांकि वह बोर्ड मेंबर बने रहेंगे ताकि कंपनी को सही दिशा मिलती रहे। दीपिंदर की जगह अब अलबिंदर ढींडसा, जो ब्लिंकिट के फाउंडर और CEO हैं, कंपनी की कमान संभालेंगे। ब्लिंकिट को भारत का सबसे तेजी से बढ़ता क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनाने का श्रेय अलबिंदर को जाता है। अब वह जोमैटो के फूड डिलीवरी और अन्य नए बिजनेस भी लीड करेंगे।

अलबिंदर ढींडसा ने अपनी पढ़ाई IIT दिल्ली से की और उसके बाद कोलंबिया बिजनेस स्कूल, न्यूयॉर्क से MBA किया। उन्होंने URS कॉर्पोरेशन, कैंब्रिज सिस्टमैटिक्स और UBS इन्वेस्टमेंट बैंक जैसी कंपनियों में काम किया। 2011 में भारत लौटकर उन्होंने जोमैटो में हेड ऑफ इंटरनेशनल ऑपरेशन्स का पद संभाला। मई 2014 में अलबिंदर ने ‘ग्रोफर्स’ शुरू किया, जिसे बाद में ब्लिंकिट नाम दिया गया। उन्होंने भारत में 10 मिनट डिलीवरी (Quick Commerce) का ट्रेंड सेट किया और ब्लिंकिट को जोमैटो ग्रुप का अहम हिस्सा बनाया। अब पूरे ग्रुप की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, जहां उन्हें दीपिंदर गोयल के अनुभव और अपनी नई सोच का तालमेल बिठाना होगा।