अवैध प्रवासन आज दुनियाभर के देशों के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है और कई जगह यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी है। विदेश मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 81 देशों से एक लाख से अधिक भारतीयों को वापस भेजा गया है। मौजूदा समय में औसतन हर साल करीब 25 हजार भारतीय डिपोर्ट हो रहे हैं, जबकि कुछ साल पहले यह आंकड़ा 14 से 15 हजार के बीच था।
एक लाख से ज्यादा भारतीय डिपोर्ट
2021 से 2025 के बीच लगभग 1.05 लाख भारतीय विदेशों से लौटाए गए। इनमें खाड़ी देशों, अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई छोटे देशों के नाम शामिल हैं। मंत्रालय के मुताबिक, सबसे ज्यादा भारतीय सऊदी अरब से डिपोर्ट किए गए हैं, जबकि अमेरिका और मलेशिया भी इस सूची में ऊपर हैं।
इन देंशों से भेजे गए सबसे अधिक भारतीय
डिपोर्टेशन के दो प्रमुख कारण सामने आए हैं—वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से रहना और बिना वैध वर्क वीजा के रोजगार करना। कुछ मामलों में छोटे आपराधिक मामलों के चलते भी कार्रवाई की जाती है। हाल के वर्षों में अमेरिका, यूएई, म्यांमार, कनाडा और थाईलैंड जैसे देशों से डिपोर्ट होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
कैसे होते हैं डिपोर्ट
जब किसी भारतीय को डिपोर्ट किया जाता है, तो संबंधित देश भारत के दूतावास से संपर्क करता है। नागरिकता सत्यापन के बाद आवश्यक दस्तावेज जारी कर व्यक्ति को भारत भेजा जाता है। बढ़ते आंकड़े यह संकेत देते हैं कि अवैध प्रवासन पर सख्ती और जागरूकता दोनों की जरूरत है।









