तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब राज्यपाल आर.एन. रवि वर्ष के पहले विधानसभा सत्र के उद्घाटन के दौरान अपना पारंपरिक अभिभाषण बीच में ही छोड़कर सदन से बाहर निकल गए। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उनका माइक बार-बार बंद किया गया, उन्हें बोलने नहीं दिया गया और उनके पद का अपमान किया गया।
गवर्नर रवि ने कहा, “मैं बहुत निराश हूं। राष्ट्रगान को वह सम्मान नहीं दिया गया जिसका वह हकदार है। इसका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।” दरअसल, राज्यपाल की मांग थी कि ‘तमिल थाई वज़्थु’ के तुरंत बाद राष्ट्रगान बजाया जाए, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष एम. अप्पावु द्वारा इस मांग को अस्वीकार किए जाने पर उन्होंने विरोध जताते हुए सदन का परित्याग कर दिया।
सदन से बाहर निकलने से पहले राज्यपाल ने सरकार पर अभिभाषण में “तथ्यात्मक गलतियां” होने का आरोप लगाया और कहा कि वे ऐसी बातें नहीं पढ़ सकते जो सत्य नहीं हैं। यह तीसरा मौका है जब राज्यपाल आर.एन. रवि ने पिछले दो वर्षों में पारंपरिक अभिभाषण न देकर वॉकआउट किया है। इससे पहले 2024 और 2025 में भी वे इसी तरह सत्र के दौरान सदन छोड़ चुके हैं।









