प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सतत संपदा प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ी छापेमारी शुरू की है। कार्रवाई के तहत कंपनी के गाजियाबाद स्थित कार्यालय, एक व्यावसायिक केंद्र और दो आवासीय ठिकानों पर छापा मारा गया। ED का कहना है कि यह जांच विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत की जा रही है।
एजेंसी के अधिकारियों को संदेह है कि कंपनी को विदेशी NGO और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समूहों से मिली फंडिंग का असली इस्तेमाल कंसल्टेंसी शुल्क दिखाने के पीछे छिपे उद्देश्य के लिए किया गया। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह राशि नीति निर्माताओं और सरकारी निर्णयों पर प्रभाव डालने वाले कामों में लगाई जा सकती है।
ED की टीम फिलहाल दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है। एजेंसी को यह पता लगाने में दिलचस्पी है कि विदेशी फंडिंग का वास्तविक उपयोग किन क्षेत्रों में हुआ और क्या इसे व्यावसायिक खर्चों के बहाने किसी अन्य उद्देश्य के लिए लगाया गया।
कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में कई प्रोजेक्ट्स में निवेश किया है और विदेशी कंसल्टेंसी फीस को बिजनेस खर्चों में दिखाया, लेकिन ED का मानना है कि यह राशि सीधे सरकारी नीतियों और निर्णयों को प्रभावित करने वाले कार्यों में जा सकती है। जांच अभी जारी है और आगे अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई गई है।









