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थिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी पर कार्तिगई दीपम जलेगा, मदुरै हाई कोर्ट ने बरकरार रखा पुराना आदेश

मदुरै हाई कोर्ट ने थिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित दीप स्तंभ में कार्तिगई दीपम जलाने को लेकर अपने पहले के आदेश को बरकरार रखा है। यह मामला हिंदू तमिल पार्टी के नेता राम रविकुमार की याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने पर्व के दिन पारंपरिक रूप से कार्तिगई दीपम जलाने की अनुमति देने की मांग की थी। इससे पहले 1 दिसंबर को न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामिनाथन ने इसे धार्मिक परंपरा से जुड़ा विषय मानते हुए दीपम जलाने का निर्देश दिया था।

हालांकि, उस आदेश को उस समय लागू नहीं किया जा सका क्योंकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई थी। अधिकारियों का कहना था कि इस मुद्दे पर विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच तनाव बढ़ सकता है। ताजा सुनवाई में हाई कोर्ट ने साफ किया कि उसका पूर्व आदेश पूरी तरह वैध है और उसे लागू किया जाना चाहिए। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान जरूरी है, लेकिन प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए ताकि किसी तरह की अशांति न फैले।

थिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी भगवान मुरुगन के छह प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक मानी जाती है। यहां स्थित प्राचीन गुफा मंदिर के पास एक दरगाह भी है। दोनों स्थलों की निकटता के कारण लंबे समय से इस पहाड़ी को लेकर हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच विवाद रहा है। पहले एक सिविल कोर्ट ने फैसला दिया था कि कुछ हिस्सों को छोड़कर पहाड़ी सुब्रमण्यस्वामी मंदिर की है, लेकिन दीपम की परंपरा पर स्पष्टता अब हाई कोर्ट के आदेश से आई है।