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पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन फिर अटका, 2026 में भी शुरू होने पर संशय

पिंजौर-नालागढ़ निर्माणाधीन फोरलेन परियोजना एक बार फिर अनिश्चितताओं के भंवर में फंसती नजर आ रही है। लगातार देरी और लंबे समय से ठप पड़े कार्य के चलते अब यह आशंका जताई जा रही है कि यह परियोजना वर्ष 2026 में भी शुरू नहीं हो पाएगी। सुस्त रफ्तार और टेंडर प्रक्रिया में बार-बार हो रही देरी ने हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रतिदिन पिंजौर से बद्दी-नालागढ़ के बीच आवागमन करने वाले औद्योगिक कर्मचारी, छात्र, व्यापारी और आम लोग जर्जर सड़क के कारण परेशान हैं।

मंगलवार को फोरलेन का टेंडर खोला जाना था, लेकिन आठवीं बार तिथि आगे बढ़ाते हुए अब इसे 12 और 13 जनवरी तय किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टेंडर में देरी से आगामी बरसात को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि पिछले वर्ष की तरह दुर्घटनाओं और लंबे जाम की स्थिति दोहराने का खतरा बना हुआ है।

उल्लेखनीय है कि जुलाई 2025 में ठेकेदार कंपनी ने फोरलेन निर्माण कार्य बंद कर दिया था, जिसके बाद से परियोजना अधर में लटकी हुई है। विरोध स्वरूप कांग्रेस, श्रीराम सेना और अन्य संगठनों ने कई प्रदर्शन किए, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। अब परियोजना की लागत 556 करोड़ से बढ़ाकर 670 करोड़ रुपये कर दी गई है। एनएचएआई के अनुसार टेंडर प्रक्रिया और अनुबंध के बाद भी कार्य शुरू होने में कई महीने लग सकते हैं।