मुंबई में होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी सरगर्मी बढ़ने से पहले ही बीजेपी–शिवसेना गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। केंद्र में एनडीए का हिस्सा रही रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) ने मुंबई में गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने साफ किया कि उनकी पार्टी बीएमसी चुनाव अपने दम पर लड़ेगी।
अठावले ने कहा कि गठबंधन में रहते हुए आरपीआई के कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगातार नजरअंदाज किया गया, जिससे असंतोष बढ़ता गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीट बंटवारे में उनकी पार्टी को उचित सम्मान नहीं मिला। नागपुर, अमरावती और औरंगाबाद जैसे शहरों में हिस्सेदारी न के बराबर रही, जबकि नालासोपारा और कल्याण-डोम्बिवली में एक भी सीट नहीं दी गई। भिवंडी में सिर्फ एक सीट देकर औपचारिकता निभाई गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई में बीजेपी और शिवसेना के साथ गठबंधन पूरी तरह समाप्त हो चुका है, हालांकि राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में परिस्थितियों के अनुसार मुकाबला हो सकता है। दूसरी ओर, विपक्षी खेमे में भी हलचल बढ़ी है। कांग्रेस और वंचित बहुजन अघाड़ी ने गठबंधन कर लिया है और सीटों का बंटवारा तय कर लिया गया है। इन नए राजनीतिक समीकरणों से साफ है कि बीएमसी चुनाव इस बार बहुकोणीय और बेहद दिलचस्प होने जा रहा है।









