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सिरप सुरक्षा पर बढ़ी चिंता: अक्टूबर में खांसी-जुकाम की दवाओं की बिक्री में तीन साल बाद आई गिरावट

भारत में खांसी और जुकाम की दवाओं की बिक्री में इस अक्टूबर अप्रत्याशित गिरावट देखने को मिली है, जो पिछले तीन वर्षों में पहली बार दर्ज की गई है। PharmaTrac के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में इस श्रेणी की कुल बिक्री घटकर 55.5 मिलियन यूनिट्स रही, जबकि सितंबर में यह 56.1 मिलियन यूनिट्स थी। यह गिरावट मुख्य रूप से लिक्विड फॉर्मुलेशन यानी सिरप्स में दर्ज की गई, जिनकी बिक्री सितंबर की तुलना में 2.4% कम रही।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव उपभोक्ताओं में सिरप की सुरक्षा को लेकर बढ़ी सतर्कता का परिणाम है, खासकर उन घटनाओं के बाद जब डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) से दूषित खांसी सिरप के सेवन से मध्य भारत में 24 बच्चों की मौत हुई थी। इन घटनाओं के बाद Drug Controller General of India (DCGI) ने देशभर में सिरप निर्माण इकाइयों पर सख्त निगरानी शुरू की है और Revised Schedule M के तहत गुणवत्ता मानकों को और कठोर बनाया गया है।

इस बीच, Cipla, Alembic Pharma और Dabur जैसी प्रमुख कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि वे पहले से ही सभी सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का पालन कर रही हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और जैसे-जैसे तापमान घटेगा और सांस से जुड़ी बीमारियाँ बढ़ेंगी, बाजार में फिर से मांग लौट सकती है। हालांकि, उद्योग को उपभोक्ताओं का भरोसा दोबारा जीतने के लिए पारदर्शिता और सख्त गुणवत्ता नियंत्रण पर जोर देना होगा।