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ओडिशा में 22 माओवादी आत्मसमर्पण: 2 करोड़ रुपये का इनाम और हथियार जमा

मलकानगिरी जिले में ओडिशा पुलिस के सामने 22 माओवादियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने एके-47 और इंसास राइफल सहित कई हथियार जमा किए। यह 2025 में ओडिशा का पहला बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण है और नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता को रेखांकित करता है। यह आत्मसमर्पण डीजीपी योगेश बहादुर खुराना की उपस्थिति में औपचारिक समारोह के दौरान हुआ। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पारंपरिक शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया और उन्हें 2 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम भी दिया गया।

डीजीपी ने कहा कि सरकार ने माओवादियों के पुनर्वास के लिए सभी व्यवस्थाएं कर दी हैं और उन्होंने अन्य नक्सलियों से भी हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। मलकानगिरी, जो ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर लंबे समय से माओवादियों का गढ़ रहा है, अब इस आत्मसमर्पण के बाद राज्य के पुनर्वास कार्यक्रम में शामिल माओवादियों को वित्तीय सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और समाज में एकीकरण मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर 2025 में माओवादी गतिविधियों में गिरावट देखी गई है। पूरे भारत में 1,225 आत्मसमर्पण, 270 निष्क्रियताएँ और 680 गिरफ्तारियाँ दर्ज की गई हैं। सुरक्षा विशेषज्ञ इसे माओवादी विचारधारा के क्षरण और सरकारी पहलों में बढ़ते विश्वास के प्रमाण के रूप में देख रहे हैं।