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21वीं सदी भारत-आसियान की, साझेदारी बनेगी वैश्विक स्थिरता की ताकत: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मलेशिया में आयोजित आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि “21वीं सदी भारत और आसियान की सदी है. उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को सफल अध्यक्षता के लिए बधाई दी और कहा कि भारत और आसियान सिर्फ भौगोलिक रूप से नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से भी जुड़े हुए हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और आसियान मिलकर दुनिया की लगभग एक चौथाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं और दोनों देश “ग्लोबल साउथ” के मजबूत साझेदार हैं. उन्होंने कहा कि भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में आसियान की अहम भूमिका है और यह साझेदारी अब वैश्विक स्थिरता और विकास की नींव बन रही है. प्रधानमंत्री ने बताया कि मानवीय सहायता, समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है. इसी के मद्देनज़र वर्ष 2026 को ‘आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष’ घोषित किया गया है.

पीएम मोदी ने आसियान के नए सदस्य तिमोर-लेस्ते का स्वागत किया और फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस को भारत के कंट्री कोऑर्डिनेटर की भूमिका निभाने के लिए धन्यवाद दिया. साथ ही उन्होंने थाईलैंड की क्वीन मदर सिरीकित के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की. मोदी ने कहा, “भारत अपने आसियान मित्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर एक स्थिर, समृद्ध और शांतिपूर्ण भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है.”