चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नए साल 2026 के अवसर पर अपने टीवी संबोधन में कई अहम विषयों पर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ताइवान का चीन में एकीकरण अवश्य होगा और इसे कोई रोक नहीं सकता। शी ने कहा कि ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों ओर रहने वाले लोग “खून और बंधुत्व” के अटूट संबंध से जुड़े हैं। यह बयान ऐसे समय आया जब चीनी सेना ताइवान के पास अपने सबसे बड़े युद्धाभ्यास में जुटी है, जिसमें लड़ाकू विमान, विमानवाहक पोत और ड्रोन शामिल हैं।
संबोधन में शी ने ब्रह्मपुत्र नदी पर तिब्बत के निचले हिस्सों में बनने वाले 170 अरब डॉलर के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया। यह डैम पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में बन रहा है, जिससे भारत और बांग्लादेश जैसे निचले तटीय राज्यों में बाढ़ या पानी की कमी का खतरा हो सकता है।
शी ने चीन की सैन्य और तकनीकी क्षमताओं का भी प्रदर्शन किया, जिसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटपुल्ट वाले विमानवाहक पोत ‘फूजियान’ का जिक्र शामिल है। इसके अलावा उन्होंने एआई, ह्यूमनॉइड रोबोट और ड्रोन की प्रगति का भी हवाला दिया। उन्होंने चीन की आर्थिक मजबूती पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस साल देश की जीडीपी 20 ट्रिलियन डॉलर पार कर सकती है। यह संबोधन चीन की वैश्विक शक्ति और क्षेत्रीय महत्व को उजागर करता है।









