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शीतकालीन सत्र में टकराव तय: वंदे मातरम, SIR और परमाणु ऊर्जा पर विपक्ष की घेराबंदी

संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा। विपक्ष तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) का विरोध करने का फैसला किया है और सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। दूसरी ओर, सरकार परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा और कॉरपोरेट कानून से जुड़े 10 प्रमुख विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है।

सत्र से पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे, जिसमें विपक्ष से सदन सुचारू रूप से चलाने की अपील की जाएगी। सरकार वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर उसके पूर्ण पाठ को लेकर चर्चा भी प्रस्तावित कर रही है। प्रधानमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि 1937 में इसके कुछ हिस्से हटाए जाने से विभाजन की नींव पड़ी।

SIR पर सरकार का रुख स्पष्ट है-यह चुनाव आयोग की प्रक्रिया है, इसलिए संसद में इस पर बहस संभव नहीं। पिछली बार इसी मुद्दे पर सत्र बाधित हुआ था। सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट इसके संबंध में निर्देश दे चुका है और व्यापक राष्ट्रीय विषयों पर वह चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।