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कौन होगा दलाई लामा का उत्तराधिकारी, खुद किया खुलासा

तिब्बती बौद्ध धर्म के 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने हाल ही में अपनी आगामी किताब “Voice for the Voiceless” में खुलासा किया है कि उनका 15वां उत्तराधिकारी चीन के बाहर, एक “स्वतंत्र दुनिया” में जन्मेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराधिकारी के चयन में चीन की कोई भूमिका नहीं होगी, बल्कि यह कार्य उनकी संस्था “गादेन फोडरंग ट्रस्ट” संभालेगी.

इस सहमति की घोषणा का मतलब है कि परंपरागत तिब्बती संस्कृति और आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित किया जाएगा. दलाई लामा ने भरोसा जताया कि उनका यह निर्णय एक स्पष्ट “framework” के अंतर्गत होगा, जिसमें गदेन फोडरंग ट्रस्ट, निर्वासित तिब्बती संसद और आध्यात्मिक लामा शामिल होंगे.

चीन ने इस घोषणा पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. बीजिंग का कहना है कि दलाई लामा को “चीन के कानूनों” के अनुसार ही उत्तराधिकारी चुनना चाहिए, जिसमें “गोल्डन अर्न” जैसी ऐतिहासिक प्रक्रियाओं का पालन शामिल है. चीनी विदेश मंत्रालय ने दलाई लामा को “राजनैतिक निर्वासित” बताते हुए कहा कि उन्होंने तिब्बतीों का प्रतिनिधित्व करने का कोई अधिकार नहीं है.

विश्लेषकों के अनुसार, इस घोषणा से भविष्य में “दो-दलाई लामा” की स्थिति पैदा हो सकती है. एक जिसे निर्वासित तिब्बती समुदाय चुनेगा और दूसरा जिसे चीन नामित करेगा. यह स्थिति तिब्बत समर्थक देशों जैसे भारत और अमेरिका के लिए भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मोड़ साबित हो सकती है.

चीन-भारत के बीच कूटनीतिक तनाव के बीच दलाई लामा की यह घोषणा धर्मशाला में 6 जुलाई 2025 को उनके 90वें जन्मदिन समारोह के समय आने की सम्भावना जताई जा रही है. ये घटनाक्रम न सिर्फ तिब्बती धार्मिक परंपरा बल्कि वैश्विक धर्मनिरपेक्षता और मानवाधिकार पर चीन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच नए बहस का आधार बनते जा रहे हैं.