National

कौन है शांभवी पाठक? 25 की उम्र में थम गई जिनकी उड़ान

अजित पवार के प्राइवेट चार्टर विमान Learjet-45 के हादसे में देश ने सिर्फ एक वरिष्ठ नेता ही नहीं, बल्कि भारतीय कॉर्पोरेट एविएशन की एक उभरती हुई प्रतिभा भी खो दी। इस हादसे में 25 वर्षीय को-पायलट शांभवी पाठक और पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर की मौत हो गई।

आर्मी ऑफिसर की बेटी शांभवी पाठक के लिए अनुशासन और साहस जीवन का हिस्सा थे। उनकी शुरुआती पढ़ाई ग्वालियर और दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से हुई, जहां से उन्होंने पायलट बनने का सपना देखा। मुंबई यूनिवर्सिटी से एविएशन की पढ़ाई के बाद उन्होंने न्यूजीलैंड से कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग ली। शांभवी के पास कमर्शियल पायलट लाइसेंस और फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग थी। उन्होंने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब से करियर की शुरुआत की और बाद में VSR एविएशन में बतौर फर्स्ट ऑफिसर Learjet जैसे बिजनेस जेट उड़ाने लगीं। अगस्त 2022 से वह कॉर्पोरेट चार्टर ऑपरेशंस का हिस्सा थीं और करीब 1,500 घंटे की उड़ान का अनुभव रखती थीं।

सहयोगियों के मुताबिक, वह तकनीकी रूप से बेहद सुलझी और शांत स्वभाव की पायलट थीं। यह हादसा न सिर्फ एक युवा जिंदगी के अंत की कहानी है, बल्कि चार्टर एविएशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। अब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी थी या किसी मानवीय चूक का नतीजा।