दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट अब सड़क से निकलकर सियासत के केंद्र में पहुंच गई है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल पॉडकास्ट में किए गए कथित दावों ने इस विवाद को और गरमा दिया है। खुद को “सनातनी योद्धा” बताने वाले भारद्वाज पर आरोप है कि 23 जून को एग्जाम पेपर लीक के खिलाफ CJP के प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्र के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की।
वायरल पॉडकास्ट में भारद्वाज कथित तौर पर दावा करते नजर आते हैं कि उन्होंने संजय कुमार का सिर फोड़ दिया था और उन्हें कई टांके लगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक समर्थन के कारण उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। हालांकि, इन दावों के बीच दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कुमार को लगी चोटें गंभीर नहीं थीं और घटना के बाद भारद्वाज से पूछताछ की जा चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, 23 जून को शाम करीब साढ़े पांच बजे प्रदर्शन स्थल पर विवाद हुआ। शिकायत के अनुसार, प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग कर रहे संजय कुमार से बहस के बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने मौके से स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मेडिकल रिपोर्ट में सिर पर दो कटे-फटे घाव दर्ज किए गए।
मामले में BNS की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है और पुलिस ने चार्जशीट जल्द दाखिल करने की बात कही है। पॉडकास्ट सामने आने के बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगाए। वहीं CJP ने भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की है। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने किसी भी राजनीतिक दबाव या अनुचित हस्तक्षेप के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।


