बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ अदालत का फैसला सुनाए जाने से देश में तनाव बढ़ गया है। आवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने राजधानी ढाका और पांच अन्य जिलों में हाइवे जाम कर प्रदर्शन किया। उनका मुख्य आरोप है कि शेख हसीना के खिलाफ दायर मामले फर्जी हैं और फरवरी में होने वाले चुनाव की तारीखें घोषित की जाएं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ झड़प भी हुई।
ढाका प्रशासन ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। पुलिस और पैरामिलिट्री बलों के 400 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास दो बम धमाके भी हुए। 17 नवंबर को इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल हसीना के खिलाफ फैसला सुनाएगा। उन्हें 2024 के छात्र आंदोलन में हिंसा भड़काने और मानवता के खिलाफ अपराध में दोषी पाया गया है।
हसीना समर्थकों के विरोध के साथ-साथ बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आए हैं। राजधानी ढाका में आगजनी और तोड़फोड़ के बाद बीजीबी की 12 अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। ये टुकड़ियां शहर में लगातार गश्त कर रही हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। प्रशासन का लक्ष्य हिंसा को रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कुल मिलाकर, हसीना के फैसले से राजनीतिक अस्थिरता और जनता में तनाव दोनों बढ़ गए हैं।









