जम्मू-कश्मीर में लंबे समय के सूखे के बाद हाल में हुई भारी बारिश और बर्फबारी ने लोगों को राहत दी है। हालांकि इस दौरान तूफान, तेज हवाएं और बारिश ने कई इलाकों में नुकसान भी पहुंचाया। खराब मौसम के कारण माता वैष्णो देवी यात्रा सुरक्षा कारणों से करीब आठ घंटे के लिए रोकी गई थी, लेकिन बाद में इसे फिर से शुरू कर दिया गया।
इस सीजन की पहली बर्फबारी रियासी जिले में वैष्णो देवी क्षेत्र में हुई, जिससे त्रिकुटा पहाड़ियां सफेद चादर से ढक गईं। भद्रवाह, पटनीटॉप, सनासर और बटोट में भी बर्फबारी ने पर्यटन कारोबारियों में उत्साह भर दिया। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी।
मध्य कश्मीर के बडगाम में सबसे अधिक बर्फ पड़ी, पाखरपोरा में डेढ़ से दो फीट और चरार-ए-शरीफ में करीब डेढ़ फीट बर्फ दर्ज हुई। श्रीनगर एयरपोर्ट पर 3-4 इंच और शहर के अंदरूनी इलाकों में कम बर्फबारी हुई। शोपियां जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां ऊंचाई वाले इलाकों में 4 फीट तक बर्फ जमी। तेज हवाओं की रफ्तार शोपियां में 155 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। मौसम विभाग ने 26 जनवरी की रात से फिर मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है, साथ ही 27 जनवरी तक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है।









