अमेरिका ने एक बार फिर वैश्विक रक्षा परिदृश्य में अपनी दबंग छवि दिखाने का इरादा जताया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2027 के लिए अमेरिकी रक्षा बजट को $1.5 ट्रिलियन (करीब 135 लाख करोड़ रुपये) करने का ऐलान किया है। यह बजट न केवल वर्तमान 901 बिलियन डॉलर से दोगुना है, बल्कि BRICS देशों और यूरोपीय संघ के कुल रक्षा खर्च से भी कई गुना अधिक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह बजट कांग्रेस द्वारा मंजूर हो जाता है, तो अमेरिका वैश्विक रक्षा खर्च के मामले में पूरी दुनिया में शीर्ष पर रहेगा। ट्रंप ने ट्वीट और Truth Social पर कहा कि यह बजट लंबी चर्चाओं और कठिन वार्ताओं के बाद तय किया गया है। उनका दावा है कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों और खतरे को देखते हुए अमेरिकी सेना को और मजबूत करना आवश्यक है।
वर्तमान में BRICS देशों का कुल रक्षा बजट लगभग 44.84 लाख करोड़ रुपये है। इसमें चीन का योगदान 22.23 लाख करोड़ रुपये, रूस का 14.13 लाख करोड़ रुपये, भारत का 6.21 लाख करोड़ रुपये, ब्राजील का 1.95 लाख करोड़ रुपये और साउथ अफ्रीका का 32,400 करोड़ रुपये है। वहीं, यूरोपीय संघ का कुल रक्षा बजट लगभग 36.90 लाख करोड़ रुपये है। इन आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका का प्रस्तावित बजट BRICS और EU के बजट से लगभग तीन गुना अधिक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम सिर्फ अमेरिकी ताकत बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक सैन्य संतुलन में अमेरिका की दबंग उपस्थिति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। पिछले बड़े बढ़ोतरी का रिकॉर्ड 1951 में कोरियाई युद्ध के दौरान दर्ज किया गया था, जबकि बाद में 1980 के दशक में मामूली वृद्धि हुई थी।









