केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश की हवाई यात्रा और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार ने 100 नए एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी दी है, जिन पर कुल 12,159 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक एयरपोर्ट बनाने पर औसतन 100 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इन एयरपोर्ट्स को ‘चैलेंज मोड’ में विकसित किया जाएगा, यानी जिन शहरों या राज्यों ने भूमि, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं सबसे जल्दी और बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा, देश भर में 200 नए आधुनिक हेलीपैड भी बनाए जाएंगे, विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों और दूरदराज के टापुओं में, जहां सड़क मार्ग से यात्रा मुश्किल है। इसके लिए 3,661 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वहीं, भारत में बने विमानों को बढ़ावा देने और नए विमान खरीदने के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने उड़ान 2.0 योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना अब अगले 10 वर्षों (2036 तक) तक लागू रहेगी और छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़कर आम लोगों के लिए यात्रा को आसान और सस्ती बनाएगी। इस पर 28,840 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
तीसरा बड़ा फैसला पर्यावरण को लेकर लिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने 2025 से 2035 तक नए पर्यावरणीय लक्ष्य तय किए हैं, जिन्हें कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके अलावा, विदेशी नागरिकों के वीज़ा, रजिस्ट्रेशन और ट्रैकिंग से जुड़े IVFRT डिजिटल प्रक्रिया को अगले पांच वर्षों (2031 तक) बढ़ाया गया है, जिस पर 1,800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये निर्णय देश में हवाई यात्रा, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को संतुलित रूप से बढ़ावा देंगे।









