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फ्रांसीसी शराब पर ट्रंप की सख्ती की चेतावनी, अमेरिका में तीन गुना तक बढ़ सकती हैं कीमतें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर भारी टैरिफ लगाने का संकेत देकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय व्यापार बहस को गर्म कर दिया है। ट्रंप का कहना है कि अगर फ्रांस उनके प्रस्तावित “पीस बोर्ड” में शामिल नहीं होता, तो अमेरिका फ्रांसीसी शराब पर 200 प्रतिशत तक शुल्क लगा सकता है। इस फैसले का सीधा असर अमेरिकी बाजार में फ्रेंच वाइन की कीमतों पर पड़ सकता है, जो कई मामलों में मौजूदा दरों से लगभग तीन गुना तक बढ़ सकती हैं।

सूत्रों के मुताबिक, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने फिलहाल इस बोर्ड का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है। ट्रंप प्रशासन पिछले साल गाजा संघर्ष के संदर्भ में इस मंच की परिकल्पना सामने लाया था और हाल ही में कई देशों को इसमें शामिल होने का न्योता भेजा गया है। ड्राफ्ट प्रस्ताव में यह भी बताया गया है कि सदस्य देशों से लंबी अवधि के लिए आर्थिक योगदान की अपेक्षा की जाएगी। इसी बीच ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि फ्रांस का रुख बदलने के लिए वे आर्थिक दबाव का रास्ता अपना सकते हैं।

अगर यह टैरिफ लागू होता है, तो अमेरिका में बिकने वाली आम फ्रांसीसी वाइन, जिसकी कीमत अभी लगभग 20 से 40 डॉलर के बीच है, 60 से 120 डॉलर प्रति बोतल तक पहुंच सकती है। इससे रेस्तरां कारोबार, आयातकों और उपभोक्ताओं—तीनों पर असर पड़ने की आशंका है।

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने यूरोपीय शराब उद्योग को निशाना बनाया हो। बीते महीनों में भी यूरोपीय संघ के साथ व्हिस्की और स्टील जैसे उत्पादों पर शुल्क विवाद के दौरान उन्होंने इसी तरह की चेतावनी दी थी। फ्रांस पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह शराब पर किसी भी नए टैरिफ का कड़ा विरोध करेगा।