Delhi Uttar Pradesh

फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक 20 मिनट में सफर, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना से बदलेगा एनसीआर का नक्शा

फरीदाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक का सफर जल्द ही बेहद आसान और तेज होने वाला है। इसके लिए 31 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तेजी से तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना पूरी होने के बाद फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक की दूरी मात्र 15 से 20 मिनट में तय की जा सकेगी, जबकि अभी इसमें काफी ज्यादा समय लगता है। यह एक्सप्रेसवे स्मार्ट सिटी फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। इससे लॉजिस्टिक्स, निर्यात और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। भविष्य में इस एक्सप्रेसवे को 8 लेन तक भी विस्तारित किया जा सकता है। परियोजना का निर्माण National Highways Authority of India (NHAI) द्वारा किया जा रहा है।

इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत फरीदाबाद में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड (सेक्टर-65) से होगी और यह उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित एयरपोर्ट के पास दयानतपुर गांव में समाप्त होगा। कुल 31 किलोमीटर मार्ग में से लगभग 22-24 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और 7-9 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा। यह मार्ग कुल 18 गांवों से होकर गुजरेगा, जिसमें हरियाणा के 12 और उत्तर प्रदेश के 6 गांव शामिल हैं। निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक लगभग 1200 पाइल्स (पिलर की नींव) तैयार किए जा चुके हैं, जबकि कुल 3000 पाइल्स बनाने का लक्ष्य है। यमुना नदी पर पुल निर्माण का काम भी तेज गति से चल रहा है और गर्डर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 2414 करोड़ रुपये बताई जा रही है। NHAI ने इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, हालांकि कुछ हिस्सों को 2026 तक आंशिक रूप से चालू करने की योजना है।

इस परियोजना से न केवल यात्रियों का समय बचेगा बल्कि उद्योग और व्यापार क्षेत्र को भी बड़ा फायदा मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्रों से एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बेहतर होने से निर्यातकों की लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और निवेश के नए अवसर बनेंगे। साथ ही रियल एस्टेट और वेयरहाउसिंग सेक्टर को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर के परिवहन नेटवर्क में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा और क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।