बांग्लादेश में हाल ही में हुए ऐतिहासिक चुनावों के बाद अब सत्ता का हस्तांतरण तय हो गया है। आगामी 17 फरवरी को ढाका में नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जिसमें भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समारोह में आमंत्रित किया गया था, लेकिन पूर्व निर्धारित मुंबई यात्रा और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक के कारण वे शामिल नहीं हो पाएंगे। इस अवसर पर ओम बिरला का प्रतिनिधित्व दोनों देशों के लोकतांत्रिक रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।
इस चुनाव में लगभग दो दशक बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने संसद की 297 सीटों में से 209 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की। जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें जीती, जबकि शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोका गया। कुल वोटिंग प्रतिशत 59.44% रहा। शपथ ग्रहण समारोह में दक्षिण एशिया और अन्य देशों के कई नेता शामिल होंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीन, सऊदी अरब, तुर्की, यूएई, मलेशिया, श्रीलंका समेत कुल 13 देशों को आमंत्रित किया गया है। तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे, 17 साल लंदन में निर्वासित रहे। उन्होंने डिजिटल और जमीनी स्तर पर चुनावी अभियान चलाकर बीएनपी की जीत सुनिश्चित की और अब बांग्लादेश की कमान संभालने जा रहे हैं।









