भारत का बजट सत्र 2026 का दूसरा चरण सोमवार (9 मार्च) को तनावपूर्ण माहौल में शुरू हुआ। लोकसभा में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और हालिया घटनाओं पर विस्तृत बयान दिया। यह बयान 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर कथित हमले के बाद उठे तनाव की पृष्ठभूमि में आया, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की।
सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्र की विदेश नीति और भारत की प्रतिक्रिया पर बहस की मांग की। इसके साथ ही, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस नेतृत्व वाले अविश्वास प्रस्ताव को भी सदन के सामने रखा गया है। इस प्रस्ताव को 118 हस्ताक्षरकर्ताओं का समर्थन प्राप्त है और इसे आगे बढ़ाने के लिए सदन की मंजूरी आवश्यक होगी। यदि यह मंजूर होता है तो बिरला को अपनी कुर्सी खाली करनी पड़ सकती है। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि नेता राहुल गांधी को बोलने का समय नहीं दिया गया, जिसे पक्षपातपूर्ण व्यवहार बताया गया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सदन में संवाद और कूटनीति के माध्यम से पश्चिम एशिया संकट को हल करने पर जोर दिया। उनके बयान के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने खड़े होकर एनर्जी सिक्योरिटी मुद्दे पर चर्चा की मांग की, जो वर्तमान वैश्विक संकट का भारत पर प्रभाव दिखाता है। इस प्रकार सत्र का दूसरा चरण एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और कूटनीतिक बहस के साथ शुरू हुआ, जिसमें अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मामलों दोनों पर ध्यान केंद्रित किया गया।









