संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है और केंद्र सरकार ने इसमें पेश किए जाने वाले 12 विधेयकों की सूची जारी कर दी है। इनमें 10 नए बिल शामिल हैं, जिनका लक्ष्य शासन, शिक्षा, बीमा, सड़क अवसंरचना और कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार करना है। प्रस्तावित विधेयकों में जन विश्वास संशोधन बिल, दिवाला एवं शोधन अक्षमता संशोधन बिल, बीमा कानून संशोधन, राष्ट्रीय राजमार्ग संशोधन, परमाणु ऊर्जा विधेयक, प्रतिभूति बाजार संहिता, कॉर्पोरेट कानून संशोधन और भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक जैसे महत्वपूर्ण बिल शामिल हैं। खास तौर पर परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी निवेश के लिए खोलने वाला प्रस्ताव इस सत्र का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
सबसे अधिक चर्चा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2025 को लेकर है। बिल में चंडीगढ़ को अनुच्छेद 240 के दायरे में लाने का प्रस्ताव है, जिससे चंडीगढ़ का प्रशासन अन्य गैर-विधानसभा वाले केंद्रशासित प्रदेशों की तरह सीधे केंद्र के अधिकार में आ जाएगा। पंजाब की पार्टियों—कांग्रेस, अकाली दल और आप—ने इसका कड़ा विरोध जताया है और इसे चंडीगढ़ को पंजाब से अलग करने की साजिश बताया है। सत्र से पहले सरकार सर्वदलीय बैठक बुला रही है, ताकि इन विधेयकों पर आम सहमति बनाई जा सके। माना जा रहा है कि यह सत्र महत्वपूर्ण बहसों और राजनीतिक तूफानों से भरा रहेगा।









