प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या के राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज फहराया। इस ऐतिहासिक मौके पर RSS प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे। पीएम मोदी दिल्ली से अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के माध्यम से साकेत महाविद्यालय गए, जहाँ उन्होंने जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण विश्व राममय हो गया है और रामभक्तों के दिलों में सदियों की वेदना समाप्त हो रही है।
मोदी ने बताया कि यह यज्ञ केवल समाप्ति नहीं, बल्कि जागरण का प्रतीक है। धर्मध्वज रामराज की कीर्ति और सूर्यवंश की थाती का प्रतिनिधित्व करता है, जो आने वाली सदियों तक धर्म का प्रतीक बना रहेगा। उन्होंने कहा कि यह ध्वज संकल्प का प्रतीक है और सदियों के संघर्ष और सपनों की सिद्धि का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि धर्मध्वज भगवान श्रीराम के आदर्शों, संतों की साधना और समाज की सहभागिता का उद्घोष करता है। यह सत्य और धर्म की प्रेरणा का प्रतीक है, जो लोगों को ‘प्राण जाए पर वचन न जाई’ की शिक्षा देगा। इस अवसर ने अयोध्या और पूरे भारत में सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का पुनरुत्थान किया।









