Himachal

हिमाचल में राहत, रोजगार और शिक्षा सुधार के लिए कैबिनेट ने लिए बड़े निर्णय

हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में हुई। इस बैठक में प्रदेश में आपदा प्रभावितों, रोजगार सृजन और स्वास्थ्य सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सुक्खू सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत पैकेज में वृद्धि की है। अब आग से पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए 7 लाख रुपये और घरेलू सामान की खरीद के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा, जिससे कुल राहत राशि 8 लाख रुपये तक पहुँच गई है। इसके अलावा, आपदा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए वायुसेना को 4.32 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए 1000 रोगी मित्रों की नियुक्ति की मंजूरी दी गई है। साथ ही, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में 9 सुपर स्पेशियलिटी विभाग और 73 पदों का सृजन, तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा में 27 वरिष्ठ रेजिडेंट पदों को भरने का निर्णय लिया गया। जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग में 150 कनिष्ठ अभियंता (सिविल) को जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। पुलिस विभाग में 800 कांस्टेबल और 5 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) पद सृजित किए गए। सोलन और सिरमौर जिलों में उप-अग्निशमन केंद्र खोले जाएंगे और फायर टेंडर की खरीद की जाएगी। धर्मशाला में क्षेत्रीय फॉरेंसिक प्रयोगशाला में डिजिटल सुविधा के लिए 5 नए पद बनाए जाएंगे।

दिव्यांगजन के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के नियमों में बदलाव किया गया है। 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले सभी पात्र व्यक्तियों को पेंशन मिलेगी। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत 1000 पेट्रोल और डीजल टैक्सी को इलेक्ट्रिक में बदलने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा, पंचायती राज और ग्रामीण विकास, शिक्षा तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े कई फैसले लिए गए। मनीरा, हमीरपुर और धर्मशाला स्थित महाविद्यालयों में एकीकृत बी.एड और बी.पी.एड कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। सरकारी स्कूलों के 805 प्रधानाचार्यों की पदोन्नति के लिए डीपीसी आयोजित की जाएगी। कैबिनेट ने कुल 64 एजेंडा आइटम पर चर्चा की और प्रदेश में आपदा राहत, रोजगार सृजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार के लिए एक व्यापक और संतुलित निर्णय लिया।