National

सुप्रीम कोर्ट करेगा UGC के नए नियमों पर सुनवाई, CJI सूर्यकांत ने भरी हामी

सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने के लिए हामी भर दी है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में राहुल देवन और अन्य द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ दायर की गई है। चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने याचिका को सुनवाई के लिए लिस्ट करने की सहमति दी है, हालांकि अभी सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है।

याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि UGC के “प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2021” नियम सिर्फ एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के लिए भेदभाव के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं। जनरल कैटेगरी के छात्रों का आरोप है कि इससे वे शिकायत निवारण तंत्र से वंचित रह सकते हैं और रिवर्स डिस्क्रिमिनेशन का शिकार बन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे नियमों में पाई गई कमियों को दूर करें, ताकि मामले की सुनवाई जल्द की जा सके।

UGC का तर्क है कि नए नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में समान अवसर और जातिगत भेदभाव के खिलाफ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनाना अनिवार्य है, जो पिछड़े वर्ग, महिलाओं और दिव्यांग छात्रों की शिकायतें सुनेगी और उनका समाधान करेगी। UGC का कहना है कि यह नियम कैंपस में बराबरी का माहौल बनाने और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाओं को लागू करने में मदद करेंगे।

हालांकि, नए नियमों का विरोध सवर्ण या जनरल कैटेगरी के छात्रों द्वारा किया जा रहा है। उनका कहना है कि नियमों का दुरुपयोग कर कोई भी छात्र झूठी शिकायत कर सकता है और उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। विरोधियों का मानना है कि ये नियम उच्च शिक्षा में समान अवसर की भावना के खिलाफ जा सकते हैं और इसके कारण भेदभाव बढ़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जल्द होने की संभावना है, और याचिका पर निर्णय आने पर UGC के नियमों का भविष्य स्पष्ट हो सकेगा।