दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर ज़हरीली हो गई है। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में मंगलवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, कई इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ स्तर तक पहुंच गई, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। मंगलवार सुबह औसतन AQI 347 दर्ज किया गया।
🔴 दिवाली के बाद भी ‘रेड ज़ोन’ में हवा
सुबह 5:30 बजे तक दिल्ली का औसत AQI 346 रहा और अधिकांश इलाके ‘रेड ज़ोन’ में बने रहे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा “हरे पटाखों” की अनुमति दिए जाने के बावजूद प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है।
📊 इलाकेवार वायु गुणवत्ता स्थिति
CPCB और समीर ऐप के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक –
- वजीरपुर: 408
- जहांगीरपुरी: 404
- बवाना: 418 (सबसे अधिक)
- विवेक विहार: 367
- आर.के. पुरम: 369
- शादीपुर: 393
- पंजाबी बाग: 375
- नॉर्थ कैंपस (DU): 352
- ओखला फेज-2: 345
- लोधी रोड: 334
- मथुरा रोड: 341
नोएडा में औसतन AQI 324 दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर 116 में यह 340 तक पहुंच गया।
गुरुग्राम में औसत AQI 338 रहा, और ग्वाल पहाड़ी व सेक्टर 51 जैसे इलाकों में यह 346 से 347 के बीच दर्ज हुआ।
गाजियाबाद में भी हवा ‘बेहद खराब’ रही, जहाँ वसुंधरा में AQI 351 और इंदिरापुरम में 329 रहा।
⚠️ GRAP का दूसरा चरण लागू
तेजी से बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने रविवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया है। यह फैसला भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) की रिपोर्ट के बाद लिया गया।
📌 CPCB के अनुसार AQI श्रेणियां:
- 0–50: अच्छा
- 51–100: संतोषजनक
- 101–200: मध्यम
- 201–300: खराब
- 301–400: बहुत खराब
- 401–500: गंभीर
दिल्ली-एनसीआर की मौजूदा स्थिति इन मानकों में ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में है, जो सांस संबंधी रोगों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से हानिकारक मानी जा रही है।









