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यमुना एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीडिंग के खिलाफ सख्ती: अब सीधे FASTag से कटेगा चालान

उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से होने वाले हादसों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने वालों का चालान सीधे उनके FASTag अकाउंट से काटा जाएगा। इसके लिए पूरे रूट पर अत्याधुनिक कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जो हर वाहन की स्पीड पर नजर रखेंगे।

घनी धुंध और कम दृश्यता के दौरान बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि ऑटोमैटिक चालान व्यवस्था से नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी और ड्राइवर अधिक सतर्क होकर वाहन चलाएंगे।

इस संबंध में ADG जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ की अध्यक्षता में हाल ही में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें एक्सप्रेसवे पर हो रहे हादसों के कारणों और उनसे बचाव के उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिकारी भी मौजूद रहे और सुरक्षा इंतजामों पर प्रेजेंटेशन दिया गया।

बैठक के बाद निर्देश दिए गए कि एक्सप्रेसवे पर फॉग स्टडी IIT दिल्ली के माध्यम से कराई जाए, ताकि धुंध के समय ट्रैफिक मैनेजमेंट और राहत व्यवस्था को और बेहतर किया जा सके। साथ ही यह भी तय किया गया कि ओवरस्पीडिंग से वसूली गई राशि का उपयोग सड़क दुर्घटना पीड़ितों की आर्थिक मदद के लिए किया जाएगा।

प्रशासन की योजना है कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था लागू की जाए, जिससे बिना चालान भुगतान के कोई भी वाहन टोल पार न कर सके। इसी दिशा में एक्सप्रेसवे पर VRDS कैमरों की संख्या बढ़ाने और FASTag आधारित चालान प्रणाली को पूरी तरह प्रभावी बनाने के आदेश दिए गए हैं। इस नए कदम से उम्मीद की जा रही है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से होने वाले हादसों में कमी आएगी और यात्रा पहले से ज्यादा सुरक्षित होगी।